- जानमाल पर खतरा होने का आरोप
- डीएम, एसपी, एसएसपी को दिया आवेदन
- सीएम को भी पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग किया
बिहार की बात, मुजफ्फरपुर। मोतीपुर थाना क्षेत्र के झिंगहां नाशी, वार्ड संख्या-4 निवासी फूलकुमारी देवी ने जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, ग्रामीण एसपी और सर्किल इंस्पेक्टर को आवेदन देकर मोतीपुर थाना कांड संख्या 198/25 एवं 402/26 में नामजद 10 आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की । आवेदन में उन्होंने अपने परिवार पर लगातार जानलेवा हमला करने, घर में घुसकर मारपीट करने, जमीन और रास्ते पर अवैध कब्जा करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

फूलकुमारी देवी के अनुसार, 2 अक्टूबर 2026 को आरोपित एकजुट होकर उनके घर में घुस आए और तोड़फोड़ करने लगे। इस दौरान पांच हजार रुपये नकद और उनकी बेटी के गले से मंगलसूत्र छीन लेने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता ने आवेदन में बताया है कि आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की तथा उनकी बेटी सुनीता देवी और पुत्र सुनील कुमार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि घटना के संबंध में मोतीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे आरोपितों का मनोबल बढ़ा हुआ है और उनका परिवार भय के माहौल में रहने को मजबूर है। आवेदन के अनुसार, आरोपितों ने उनके घर से बाहर निकलने वाले निजी एवं आम रास्ते पर भी कब्जा कर रखा है। इसके साथ ही उनकी जमीन अपने नाम लिखने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर आरोपित गोली मारने, हत्या करने और घर में आग लगाने की धमकी देते हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके परिवार के साथ कभी भी गंभीर घटना हो सकती है।

फूलकुमारी देवी ने प्रशासन से दोनों कांडों में नामजद सभी 10 आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल गठित करने, परिवार की सुरक्षा के लिए सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती करने, कथित अवैध कब्जे से जमीन एवं रास्ते को मुक्त कराने और मामले में स्थानीय पुलिस की कथित निष्क्रियता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। आवेदन के साथ प्राथमिकी की प्रतियां, अनुमंडल दंडाधिकारी पश्चिमी मुजफ्फरपुर को दिए गए आवेदन, लगान रसीद तथा संबंधित चिकित्सा दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न किए जाने का उल्लेख है।

पीड़िता ने प्रशासन से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर अपने परिवार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है। हालांकि, आवेदन में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों और पुलिस का आधिकारिक पक्ष जानने का प्रयास किया गया किंतु संपर्क नही हो पाया।








